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जीवन जीने की कला सिखाते रामचरित मानस



{“_id”:”621a7d5e0c8db567e474e192″, “स्लग”: “रामचरित-मानस-शिक्षण-द-आर्ट-ऑफ-लिविंग-चंदौली-न्यूज़-vns640579555”, “टाइप”: “स्टोरी”, “स्टेटस”: “प्रकाशित करें” “शीर्षक_एचएन”: “रामचरित मानस जीवन जीने की कला सिखाता है”, “श्रेणी”: {“शीर्षक”: “शहर और राज्य”, “शीर्षक_एचएन”: “शहर और राज्य”, “स्लग”: “शहर- and-states”}} खबर सुनें खबर सुनें नौगढ़। शनिवार को नरवादपुर क्षेत्र स्थित अमरा भगवती के दरबार में नौ दिवसीय श्री राम कथा महायज्ञ के समापन पर कथा व्यास मानस मयूरी शालिनी त्रिपाठी ने कहा कि रामचरित मानस जीवन जीने की कला सिखाता है. शनिवार को भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की कथा सुनकर श्रद्धालु उमड़ पड़े। कथा व्यास ने कहा कि श्री रामचरितमानस भाई से भाई को प्रेम करने और जीवन जीने की कला सिखाता है। बताया कि रावण का वध कर जब भगवान राम अयोध्या वापस आए तो अयोध्यावासियों ने बड़े उत्साह से उनका स्वागत किया। अयोध्यावासियों ने घर में उत्सव मनाकर राम, लक्ष्मण और सीता का फूल बरसाकर और घी का दीपक जलाकर स्वागत किया। शालिनी त्रिपाठी ने कहा कि रामायण सही रास्ते पर चलना सिखाती है। इससे पूर्व शालिनी त्रिपाठी ने सीता हरण, सुग्रीव मित्रता, शबरी की कथा का सुन्दर वर्णन किया है। मेजबान दधीबल यादव, राम रामनरेश उर्फ ​​बच्चा यादव, रवि शुक्ला और अचल सिंह ने कथा व्यास को सम्मानित किया। इस अवसर पर ज्ञान प्रकाश सिंह, सुरेन्द्रनाथ दुबे, यज्ञ नारायण द्विवेदी, राम आलम, विवेक यदुवंशी, भगवानदास यादव, विनोद कुमार, संतोष आदि उपस्थित थे। नौगढ़। शनिवार को नरवादपुर क्षेत्र स्थित अमरा भगवती के दरबार में नौ दिवसीय श्री राम कथा महायज्ञ के समापन पर कथा व्यास मानस मयूरी शालिनी त्रिपाठी ने कहा कि रामचरित मानस जीवन जीने की कला सिखाता है. शनिवार को भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की कथा सुनकर श्रद्धालु उमड़ पड़े। कथा व्यास ने कहा कि श्री रामचरितमानस भाई से भाई को प्रेम करने और जीवन जीने की कला सिखाता है। बताया कि रावण का वध कर जब भगवान राम अयोध्या वापस आए तो अयोध्यावासियों ने बड़े उत्साह से उनका स्वागत किया। अयोध्यावासियों ने घर में उत्सव मनाकर राम, लक्ष्मण और सीता का फूल बरसाकर और घी का दीपक जलाकर स्वागत किया। शालिनी त्रिपाठी ने कहा कि रामायण सही रास्ते पर चलना सिखाती है। इससे पूर्व शालिनी त्रिपाठी ने सीता हरण, सुग्रीव मित्रता, शबरी की कथा का सुन्दर वर्णन किया है। मेजबान दधीबल यादव, राम रामनरेश उर्फ ​​बच्चा यादव, रवि शुक्ला और अचल सिंह ने कथा व्यास को सम्मानित किया। इस अवसर पर ज्ञान प्रकाश सिंह, सुरेन्द्रनाथ दुबे, यज्ञ नारायण द्विवेदी, राम आलम, विवेक यदुवंशी, भगवानदास यादव, विनोद कुमार, संतोष आदि उपस्थित थे। ,


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