सिविल डिफेंस पदाधिकारी की मौत के मामले में निजी अस्पताल के डॉक्टर पर केस

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सिविल डिफेंस पदाधिकारी की मौत के मामले में निजी अस्पताल के डॉक्टर पर केस

कीडगंज निवासी सिविल डिफेंस पदाधिकारी अजय गुप्ता की मौत के मामले में परिजनों ने एक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर केस दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि डॉक्टरों ने जानबूझकर इलाज में देरी की, जिससे उनकी सांसें थम गईं। पुलिस ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। 

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अजय (55) कीडगंज में बीच वाली सड़क के रहने वाले थे। वह नैनी डिवीजन के स्टॉफ अफसर के रूप में तैनात थे। वह हृदय की बीमारी से पीड़ित थे, जिसका इलाज लंबे समय से चल रहा था। तीन दिन पहले हालत बिगडने पर परिजनों ने उन्हें एसआएन अस्पताल में भर्ती कराया था। हालांकि वहां तबियत में सुधार न होते देख मंगलवार सुबह डॉक्टरों ने उन्हेें रेफर कर दिया। जिसके बाद परिजन उन्हें लेकर जार्जटाउन स्थित निजी अस्पताल पहुंचे।

आरोप है कि यहां उन्हें भर्ती करने की बजाय कागजी कोरम में ही करीब दो घंटे बिता दिए गए। परिजनों के बार-बार कहने के बावजूद उनका इलाज नहीं शुरू किया गया। जिससे उनकी हालत बिगड़ती चली गई और आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया। जिसके बाद परिजनों ने जार्जटाउन थाने में पहुंचकर तहरीर दी। इंस्पेक्टर पवन त्रिवेदी ने बताया कि तहरीर के आधार पर अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है।

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कीडगंज निवासी सिविल डिफेंस पदाधिकारी अजय गुप्ता की मौत के मामले में परिजनों ने एक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर केस दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि डॉक्टरों ने जानबूझकर इलाज में देरी की, जिससे उनकी सांसें थम गईं। पुलिस ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। 

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अजय (55) कीडगंज में बीच वाली सड़क के रहने वाले थे। वह नैनी डिवीजन के स्टॉफ अफसर के रूप में तैनात थे। वह हृदय की बीमारी से पीड़ित थे, जिसका इलाज लंबे समय से चल रहा था। तीन दिन पहले हालत बिगडने पर परिजनों ने उन्हें एसआएन अस्पताल में भर्ती कराया था। हालांकि वहां तबियत में सुधार न होते देख मंगलवार सुबह डॉक्टरों ने उन्हेें रेफर कर दिया। जिसके बाद परिजन उन्हें लेकर जार्जटाउन स्थित निजी अस्पताल पहुंचे।

आरोप है कि यहां उन्हें भर्ती करने की बजाय कागजी कोरम में ही करीब दो घंटे बिता दिए गए। परिजनों के बार-बार कहने के बावजूद उनका इलाज नहीं शुरू किया गया। जिससे उनकी हालत बिगड़ती चली गई और आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया। जिसके बाद परिजनों ने जार्जटाउन थाने में पहुंचकर तहरीर दी। इंस्पेक्टर पवन त्रिवेदी ने बताया कि तहरीर के आधार पर अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है।

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