समाचार सुनें समाचार सुनें रमाबाई अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय सहित 50 शिक्षण संस्थानों पर नगर पालिका संपत्ति कर लगाएगी। इससे नगर पालिका को एक करोड़ से अधिक की आय होने की उम्मीद है। नगर पालिका ने जिन शिक्षण संस्थानों पर संपत्ति कर लगाने की तैयारी की है, उनका सर्वे करा लिया गया है। इस आय से नगर पालिका सड़क निर्माण के साथ-साथ अन्य विकास कार्य भी कराएगी। गजरौला नगर पालिका को पूरे राज्य में सबसे साधन संपन्न नगर पालिका के रूप में गिना जाता है। इसे बनाए रखने और आमदनी बढ़ाने के लिए नगर पालिका ने यह कदम उठाया है। नगर पालिका ने नगर क्षेत्र में आने वाले शिक्षण संस्थानों का सर्वे कराया है। नगर पालिका के राजस्व विभाग की देखरेख करने वाले कर्मियों से आंकड़े तैयार किए गए कि उन पर कितना संपत्ति कर लगाया जा सकता है। ईओ को बताया गया कि औद्योगिक क्षेत्र में रमाबाई अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय व अन्य शिक्षण संस्थानों पर एक करोड़ रुपये से अधिक का संपत्ति कर सृजित किया जा सकता है. 12वीं तक के शिक्षण संस्थान व्यवसायिक रूप में नहीं आते, लेकिन इनकी कमाई लाखों में होती है। ईओ विजेंद्र सिंह पाल ने बताया कि शहर के 50 शिक्षण संस्थानों को संपत्ति कर लगाने के लिए नोटिस भेजा गया है. जल्द ही उनसे रिकवरी शुरू हो जाएगी। इससे नगर पालिका की आय में इजाफा होगा। यह राशि सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइटिंग, तालाबों की सफाई पर खर्च की जाएगी। तालाबों को पिकनिक के रूप में विकसित किया जाएगा। नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। रमाबाई अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय सहित 50 शिक्षण संस्थानों पर नगर पालिका लगाएगी संपत्ति कर इससे नगर पालिका को एक करोड़ से अधिक की आय होने की उम्मीद है। नगर पालिका ने जिन शिक्षण संस्थानों पर संपत्ति कर लगाने की तैयारी की है, उनका सर्वे करा लिया गया है। इस आय से नगर पालिका सड़क निर्माण के साथ-साथ अन्य विकास कार्य भी कराएगी। गजरौला नगर पालिका को पूरे राज्य में सबसे साधन संपन्न नगर पालिका के रूप में गिना जाता है। इसे बनाए रखने और आमदनी बढ़ाने के लिए नगर पालिका ने यह कदम उठाया है। नगर पालिका ने नगर क्षेत्र में आने वाले शिक्षण संस्थानों का सर्वे कराया है। नगर पालिका के राजस्व विभाग की देखरेख करने वाले कर्मियों से आंकड़े तैयार किए गए कि उन पर कितना संपत्ति कर लगाया जा सकता है। ईओ को बताया गया कि औद्योगिक क्षेत्र में रमाबाई अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय व अन्य शिक्षण संस्थानों पर एक करोड़ रुपये से अधिक का संपत्ति कर सृजित किया जा सकता है. 12वीं तक के शिक्षण संस्थान व्यवसायिक रूप में नहीं आते, लेकिन इनकी कमाई लाखों में होती है। ईओ विजेंद्र सिंह पाल ने बताया कि शहर के 50 शिक्षण संस्थानों को संपत्ति कर लगाने के लिए नोटिस भेजा गया है. जल्द ही उनसे रिकवरी शुरू हो जाएगी। इससे नगर पालिका की आय में इजाफा होगा। यह राशि सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइटिंग, तालाबों की सफाई पर खर्च की जाएगी। तालाबों को पिकनिक के रूप में विकसित किया जाएगा। नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। ,

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