भोजपुरी– हम का रहनींहाँ, का हो गइनीं आ आगा का होखे जा रहल बानीं पर विचार जरूरी

0
35
कानपुर में 226 नए पॉजिटिव मिले

भोजपुरी– हम का रहनींहाँ, का हो गइनीं आ आगा का होखे जा रहल बानीं पर विचार जरूरी
भोजपुरिया समाज में बलिया-आरा उ इलाका ह, जहां 1947 से पहले आजादी के जोति जल गइल रहे. यही इलाका से जयप्रकाश नारायण भइलें जे क्रांति के बिगुल फुंकने. राहुल सांकृत्यान यही जगह पर मेहरारून के दुरदशा नाटक लिखने. इस सब देखत समझत समाज के बाबा साहेब के कसौटी पर सोचे के होई कि समुदाय के विकास महिला के विकास से नापल जाला.

Source

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here