भोजपुरी को गूगल ट्रांसलेटर में शामिल किया जाना गौरव की बात, अपने ही देश में सरकारी तंत्र की उपेक्षा का शिकार

Author: Prashant Kumar PandeyPublish Date: Fri, 13 May 2022 08:53 AM (IST)Updated Date: Fri, 13 May 2022 08:53 AM (IST)

 जागरण संवाददाता, सासाराम : रोहतास। भोजपुरी भाषा को वैश्विक कंपनी गूगल द्वारा अपने ट्रांसलेटर में शामिल किए जाने की घोषणा से भोजपुरी भाषियों में काफी हर्ष है। भोजपुरी पट्टी के प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि इससे भाषा का गौरव बढ़ेगा। भोजपुरी की समृद्धता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह भाषा विश्व स्तर पर तीसवें हिस्से में बोली जाने वाली भाषा है। भोजपुरी पट्टी के लोग दुनिया के कई देशों में रहकर इसे समृद्ध बनाने का काम कर रहे हैं। भोजपुरी को एक लम्बे अर्से से आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने की लगातार मांग उठ रही है।

 इस भाषा के पास संवैधानिक मान्यता प्राप्त करने की सभी अहर्ताएं है। बावजूद इसके भोजपुरी भाषा अपने ही देश में सरकारी तंत्र के उपेक्षा का शिकार है। जबकि चार देश फिजी, नेपाल, व मारीशस व सूरीनाम में भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता प्राप्त है। 

कहते हैं प्रबुद्ध जन : 

गूगल द्वारा भोजपुरी तथा मैथिलि भाषा को अपने ट्रांसलेटर में शामिल किए जाने की घोषणा हम सभी भोजपुरी भाषियों के लिए गौरव की बात है। भोजपुरी भाषा इंटरनेट के लिए भी काफी उपयुक्त भाषा है। इसकी क्षमता काफी समृद्ध है। विश्व के 15 से 17 देशों में आज के समय में भोजपुरी भाषी वहां की सत्ता में शामिल हैं। अमेरिका में जब बराक ओबामा राष्ट्रपति थे तब उन्होंने अपने नेताओं और कर्मियों को अंग्रेजी से अलग हटकर एक अन्य स्वैच्छिक भाषा सिखने का निर्देश जारी किया था। उन भाषाओं की सूची में भोजपुरी भी शामिल थी जो हम सबके लिए गौरवपूर्ण था। 

भारत में कुल आबादी का पांचवा हिस्सा भोजपुरी भाषी है, वहीं विश्व में तीसवां हिस्सा भोजपुरी पढता, लिखता व बोलता है। विश्व के कई हिस्सों में इसे संवैधानिक मान्यता मिल गई है जबकि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि इसे अपने देश में ही संवैधानिक मान्यता नहीं है।

 – प्रो. डा. गुरुचरण सिंह, प्राचार्य , एसपी जैन कालेज 

भोजपुरी और मैथिली को गूगल ट्रांसलेटर में स्थान देने की घोषणा इन दोनों भाषाओं का गूगल द्वारा सम्मान है। विशेषकर भोजपुरी का जिसे अभी तक भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है। भोजपुरी भारत के एक बड़े क्षेत्र की ही भाषा नहीं है बल्कि यह विश्व के अनेक देशों में बोली जाती है। भोजपुरी भाषी अमेरिका से लेकर आस्ट्रेलिया तक में फैले हैं और इसे बोलते भी हैं। फ़िजी, गुयाना, ट्रिनिडाड, सूरिनाम, मारिसस आदि देशों की प्रमुख भाषाओं में से यह एक है। इन सभी क्षेत्रों में भोजपुरी भाषाई लोगों का रहन-सहन, खान-पान, पहनावा-ओढ़ावा सब एक है।

इस प्रकार भोजपुरी एक भाषा ही नहीं बल्कि एक संस्कृति भी है। गूगल द्वारा अपने ट्रांसलेटर में भोजपुरी को शामिल करने की घोषणा से भोजपुरी सांस्कृतिक जन का सम्मान है। और यह हम सभी के लिए गौरव की बात है।– डा. श्याम सुंदर तिवारी शोध अन्वेषक एवं इतिहासकार

Edited By: Prashant Kumar Pandey

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