आठवीं अनुसूची का होगा मार्ग प्रशस्त

भोजपुरी:भाषी लोगों की लाख मांग के बावजूद भले ही अभी तक भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में जगह नहीं मिली है लेकिन गूगल ने इसकी ताकत को पहचान लिया है। गूगल ने अब अन्य भाषाओं की तरह भोजपुरी और मैथिली में ट्रांसलेट करने का निर्णय लिया है। इससे भोजपुरी क्षेत्र के लोगों में हर्ष व्याप्त है। प्रबुद्धजनों का कहना है कि इससे भोजपुरी के आठवीं अनुसूची में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त होगा।

शहर के प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि वैसे तो भोजपुरी का प्रसार विश्व स्तर पर हो चुका है। विश्व स्तर पर हर जगह भोजपुरी भाषी लोग मिल जाएंगे। ऐसे में गूगल ने अगर गूगल ट्रांसलेट की सीरीज में भोजपुरी भाषा को भी शामिल किया है तो यह इस भाषा के अच्छी बात है, भोजपुरी भाषी लोगों के लिए गर्व की बात है। इससे न केवल अपनी भाषा को विश्व स्तर पर बढ़ावा मिलेगा बल्कि इसके आठवीं अनुसूची में शामिल होने का मार्ग भी आसान हो जाएगा।

यह अच्छी शुरुआत है। इससे भोजपुरी भाषा का न केवल प्रसार होगा बल्कि, इस भाषा के आठवीं अनुसूची में शामिल होने का रास्ता भी आसान हो जाएगा लेकिन कोई भाषा जब वृहद रूप लेती है और वह वृहद समुदाय तक जाती है तो उसके भाषाई चेतना पर भी ध्यान देना जरूरी हो जाता है। ताकि, उसका स्वरूप न बिगड़े।

भोजपुरी भाषा को गूगल ट्रांसलेट में शामिल किए जाने का श्रेय गूगल में काम कर रहे भोजपुरी क्षेत्र के उन साफ्टवेयर इंजीनियर को जाता है, जिन्होंने इसको गूगल ट्रांसलेट में शामिल किया है। अपनी मातृभाषा के लिए यह बहुत अच्छी बात है कि इसको गूगल ट्रांसलेट में जगह मिल गई। इससे भोजपुरी भाषा और मजबूत और सबल होगी।

– सुरेश संगम, वरिष्ठ रंगकर्मी एवं अधिवक्ता – भोजपुरी भाषा का प्रसार तो विश्व स्तर पर हो ही चुका है। विश्व के विभिन्न देशों में गए यहां के लोगों ने वहां भोजपुरी का विस्तार किया है। तभी तो गूगल ने भी इसके महत्व को समझा और पहचाना है। भोजपुरी भाषा का गूगल ट्रांसलेट में शामिल होना भोजपुरी क्षेत्र और भोजपुरी भाषी लोगों के लिए अच्छी बात है। इसके लिए गूगल को धन्यवाद।


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